VPN Kya Hai

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अगर मैं इंटरनेट कनेक्शन यूज करता हूं और अगर मैं चाहता हूं कि कोई ब्लॉक साइड है जो मेरे कॉलेज में किसी ने ब्लॉक की है या फिर मेरे आईएसपी ने कुछ टोरेंट साइट ब्लॉक कर दी है तो वह मैं कैसे एक्सेस कर सकता हूं |

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अगर मैं एक हैकर हूं और मैं कुछ हैक करता हूं अगर मैं VPN के थ्रू हैक करता हूं क्या मुझे वापस कोई नहीं पकड़ सकता आईऐ जानते है |

VPN (Virtual Private Network) Kya Hai

VPN (Virtual Private Network) मान लीजिए कि अगर आप इंटरनेट कनेक्शन यूज करते हैं किसी ना किसी कंपनी से या किसी ना किसी आईएसपी यानी ( इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) से आपने कनेक्शन लिया होगा हो सकता है जियो, एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया हो या बीएसएनल हो उससे आपने कनेक्शन लिया है |

आपके घर तक या अपने मोबाइल तक जिसके थ्रू आप इंटरनेट एक्सेस कर सकते हैं उसे आईएसपी कहते है |

इसमें होता क्या है कि अगर आपको google.com विजिट करना है तो आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर में टाइप करेंगे google.com |

इसमें सबसे पहले जो रिक्वेस्ट होती है वह जाती है आपके आईएसपी के पास जिससे आपने कनेक्शन लिया है जैसे एयरटेल, बीएसएनएल, जिओ, वोडाफोन के पास अब आईएसपी आपको google.com के सर्वर तक पहुंच जाएगा|

जो यह आईएसपी होते हैं वह बीच में इसके अंदर ब्लॉकिंग लगा सकते हैं |

मान लीजिए आपने google.com ओपन करना है परंतु इन्होंने ब्लॉक कर के रखा है तो आईएसपी आपको google.com के सर्वर तक जाने ही नहीं देगा आपको ब्लॉक कर देगा|

यही सब चीजें होती है अपने राउटर में जो अपने कॉलेज के अंदर होते हैं कॉलेज वाले क्या है कि अलग-अलग टोरेंट साइड होती है उनको ब्लॉक कर देते हैं |

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उससे क्या होता है कि अगर आप इंटरनेट चला रहे हैं अपने कॉलेज के अंदर तो उसका डाटा आपको कॉलेज के बाहर जाने ही नहीं देगा वह बीच में ही ब्लॉक कर देगा |

इसी प्रकार जो गवर्नमेंट होती है वह बहुत सारी टोरेंट और जो मूवी साइड होती है जिससे हम मूवी डाउनलोड करते हैं वह ब्लॉक कर दी है |

गवर्नमेंट इन सभी आईएसपी को कह दिया है कि आपके पास यह डोमेन या यह आई पी से कोई रिक्वेस्ट आए तो उसको वहीं पर ब्लॉक करना है और उसको इंडिया से बाहर ले जाना ही नहीं है ।

इस जगह पर VPS (Virtual Private Server) आपकी मदद कर सकता है ।

वीपीएस क्या है कि एक सर्वर होता है यानी एक कंप्यूटर होता है इसके अंदर कुछ कॉन्फ़िगरेशन हम कर देते हैं ।

उससे क्या होता है कि जब आप google.com कनेक्ट करते हो तो आईएसपी के पास जाता है कि आपको google.com तक जाना है ।

लेकिन अगर आप वीपीएस यूज कर रहे हैं जो google.com का डाटा होता है वह हो जाता है इंक्रिप्ट एक टनल बन जाती है |

जब आपका कंप्यूटर रिक्वेस्ट भेजेगा आपके आईएसपी के पास यानी एयरटेल, जियो या बीएसएनएल के पास आपकी रिक्वेस्ट आएगी उनको ऐसा लगेगा कि आपको google.com के पास नहीं जाना है आपको जो वीपीएस का सर्वर है वहां तक जाना है |

हो सकता है वह सर्वर यूएस में हो, कनाडा में हो, ऑस्ट्रेलिया में हो या सिंगापुर कहीं पर भी हो सकता है |

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जब आपका कनेक्शन जाएगा आईएसपी के पास से उनको तो यह लगेगा कि आपको यूएसए तक जाना है यहां पर आपको सर्वर है आपने google.com जो आपने सर्च किया वहां पर नहींं जाना है |

वो आपको राउट कर देगा और राउटर के थ्रू आपको आपके सर्वर तक पहुंचा देगा यानी यूएसए तक |

आप यहां पर आपका जो यूएसए का सर्वर है जिसको हम वीपीएस सर्वर बोलते हैं आपकी जो रिक्वेस्ट आ रही है उसको ओपन करेगा तो उसको पता चल जाएगा कि आपको google.com तक जाना है |

तो फिर उस सर्वर से google.com तक का कनेक्शन बनेगा |

इसमें अच्छी बात यह है कि जो सर्वर है वह यूएसए में है इंडियन गवर्नमेंट अपना इंडियन कॉलेज जो भी है जिन्होंने इस सर्वर को ब्लॉक कर के रखा है लेकिन यूएसए में तो नहीं है वहां से पूरा इंटरनेट आप आराम से चला सकते हैं या एक्सेस कर सकते हैं |

प्रकार आपके आईएसपी को केवल यह पता रहेगा कि आपने उस सर्वर तक कनेक्शन बनाया है आगे पता नहीं रहेगा कि उसके बाद आप कहां गए |

दोस्तों अगर आप सोचते हैं कि मैं हैकिंग करूं और मैं बच जाऊंगा क्योंकि मैं वीपीएस करता हूं क्योंकि जो मेरी आई पी जाएगी वह मेरी तो जाने से रही वह उस सर्वर की जाएगी जो यूएसए का है तो आप गलत हैै |

आप जो भी वेबसाइट पर विजिट करोगे उस वेबसाइट को लगेगा कि आप वह सर्वर हो यानी आप यूएसए में बैठे हुए हो आपको सारी चीजें यूएसए के हिसाब से दिखेगी उनके पास जो आईपी ट्रैक होगी वह उस यूएसए की होगी |

लेकिन यहां पर आपको गौर करने वाली बात यह है कि भले ही आपके आईएसपी को यह नहीं पता आपने क्या विजिट किया है |

लेकिन जो वह सर्वर है ना उसको तो सब पता है जो यूएसए में है उनके पास भी कोई ना कोई आईएसपी होगा जो यूएसए का होगा जो कनेक्ट कर रहा होगा तो दूसरी वेबसाइट का उनके पास तो रिकॉर्ड बन रहा है |

तो आप पूरी तरह से अपने आप को छुपा नहीं सकते हो |

हैकर क्या करते हैं कि बहुत सारे वीपीएस यूज करते हैं उनकी जो ट्राफिक है वह एक से दूसरे, दूसरे से तीसरे, चौथे, पांचवें सर्वर पर जाएं और वह ओनियन राउटिंग यूज करते हैं इस लिए वह पकड मेें नहीं आपते है |

अगर आप वीपीएस यूज कर रहे हैं तो एक चीज में आप कर सकते हैं पब्लिक वाईफाई यूज कर रहे हैं या फिर आपके कॉलेज में कोई साइड बंद है या फिर आपको ऐसे साइड ओपन करनी है |

जो कि आपके आईएसपी जॉकी इंडिया मैं बंद है तो आप वीपीएस यूज़ करके आप सारी साइड को कनेक्ट कर सकते हो |

फ्री का सर्वर आपके लिए उपयोगी है या नहीं 

आपको सर्वर बनाना है तो आपके दिमाग में आएगा कि आप जो अपने मोबाइल के अंदर फ्री में एप्लीकेशन आते हैं उनको यूज़ करें बहुत सारे गूगल क्रोम के plug-in आते हैं फायर फॉक्स के एक्सटेंशन आते हैं |

वह यह बोलते हैं कि एक बार हमें इंस्टॉल कर दो आप ऑटोमेटिकली वीपीएस से कनेक्ट हो जाओगे |

आपको यह सारी चीजें इसलिए नहीं करनी चाहिए कि पहले तो वह सब फ्री है |

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उनके पास तो वह डाटा बन रहा है कि आपने कौन-कौन सी वेबसाइट को ओपन किया है अगर आप gmail-login करते हो या नेट बैंकिंग यूज करते हो फ्री वीपीएस प्लगइन से तो उनके पास डाटा आ जाएगा |

कि आपने कौन-कौन सी वेबसाइट को ओपन करी क्या यूजर नेम पासवर्ड ओपन करा |

आदि वीपीएस यानी आधे एप्लीकेशन तो ऐसे ही फर्जी है आपको खुद ही है हैक कर देती है फ्री वीपीएस के चक्कर में |

तो दोस्तों फ्री वीपीएस तो आपको कभी भी यूज़ नहीं करना चाहिए अगर आप बैंकिंग सर्विसेज यूज कर रहे हैं या ऐसी चीजें हैं जो आप प्राइवेट रखना चाहते हो |

क्या आप पेड वीपीएस सर्वर यूज कर सकते हैं क्या

आप पेड भी वीपीएस यूज कर सकते हैं बहुत सारी कंपनियां हैं जो यह सुविधा उपलब्ध करवाती है लेकिन सबसे पहले आपको उनकी टर्म्स एंड कंडीशन पूरी पढ़ लेनी है |

वह यह बोलेगी कि अगर हमारी गवर्नमेंट बोले कि आपने क्या क्या साइड ओपन कि आपका पूरा डाटा अगर वह चाहे तो उनको दे देगी गवर्नमेंट को |

तो आप इनलीगल काम करना चाह रहे हैं वीपीएस के थ्रू तो भी आप नहीं कर पाएंगे अगर आप पेड भी खरीद लेते हो तो भी |

पेड में यह होगा कि आपको एक सर्वर मिल जाएगा वह आप ही के लिए रहेगा जबकि फ्री में सर्वर शेयरींंग रहता है जिससे की स्पीड और कम हो जाती है |

तो दोस्तों आशा है कि मैंने आपको सभी जानकारी समझा दी कि वीपीएस सर्वर होता क्या है कैसा पूरी प्रोसेस होती है तो आपको इसमें से बहुत कुछ सीखने को मिला होगा इस आर्टिकल में बताई गई जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी रही होंगी |

अगर आपको यह आर्टिकल vpn kya hai अच्छा लगा है तो आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिए ताकि यह महत्वपूर्ण जानकारी आपके दोस्तों तक भी पहुंच पाए और इस आर्टिकल में कोई प्रशन है तो आप हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं |

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